नेटवर्क क्या है ? LAN WAN MAN जाने विस्तार से

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LAN WAN MAN क्या है ? यह जानने से पहले आपको यह जानना होगा कि नेटवर्क क्या है ? नेटवर्क कितने प्रकार के होते हैं ? क्योंकि यह जो तीन शब्द हैं यह पूरी तरह से नेटवर्क से ही जुड़े हुए हैं । 

कई वर्षों पहले जब हमारे पास मोबाइल , कंप्यूटर आदि इलेक्ट्रॉनिक चीजें नहीं हुआ करती थी तब हम डाक सेवा का इस्तेमाल किया करते थे अपने संदेशों का आदान-प्रदान करने के लिए । यानी हमारे पास जो Information होती थी उसे पहुंचाने और प्राप्त करने में बहुत ही समस्या आती थी। यदि हमारे किसी भी प्रकार तत्काल जानकारी पहचानी होती थी तो हम नहीं कर सकते थे । 

लेकिन जब से Computer का आविष्कार हुआ तब से Text , Video , Audio आदि सभी प्रकार की Information को कुछ ही सेकंडों में भेज सकते हैं । लेकिन इसी सेवा का उपयोग करने के लिए कुछ Technology बनाई गई हैं जिनके माध्यम से यह संभव हो पाया है जिसे नेटवर्क कहा जाता है। इस लेख में हम LAN WAN MAN के साथ साथ हम यह भी कि नेटवर्क क्या होता है , नेटवर्क कितने प्रकार का होता है और इनसे जुड़ी सभी जरूरी जानकरी ।

नेटवर्क क्या है ? ( What is Network in hindi )

दो या दो से अधिक आपस में जुड़े कंप्यूटर्स जिनमें सूचनाओं का आदान प्रदान सम्भव हो नेटवर्क कहलाता है तथा इस प्रक्रिया को नेटवर्किंग कहते हैं।

कंप्यूटर की दुनिया में नेटवर्क कई सारे आपस में जुड़े हुए कंप्यूटर्स का समूह होता है जिसकी मदद से एक कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर में सूचनाएं , डेटा , आदि का आदान प्रदान कर सकते हैं । 

नेटवर्किंग की सहायता से एक ही जगह से हम अपने कंप्यूटर से या फिर कंप्यूटिंग डिवाइस (जैसे मोबाइल , टैबलेट , लैपटॉप आदि) से एक से ज्यादा कंप्यूटर्स के साथ कनेक्ट होकर सूचनाएं तथा संदेशों का भेज व प्राप्त कर सकते हैं ।

नेटवर्क का इतिहास  ( History of network in hindi)

दुनिया का सबसे पहला नेटवर्क ARPANET था जिसका पूरा नाम Advanced Research Projects Agency Network है । जिसे सन 1960 में US Department of Defence के द्वारा स्थापित किया गया था ।

इस नेटवर्क में 4 बड़े केंद्र बनाए गए थे , University of California at Los Angeles (UCLA) ,Stanford Research Institute (SRI), University of California at Santa Barbara (UCSB) and University of Utah । 29 अक्टूबर सन 1969 को पहला Message UCLA और SRI के बीच भेजा गया । सन 1972 में Roy Tomlinson के द्वारा Bolt Beranek and Newman (BBN) Inc. में Email System बनाया गया था । बाद में UCLA भी BBN से जुड़ गया।

नेटवर्किंग का महत्व तब बढ़ गया जब  University College of London (UK) और Royal Radar Network (Norway) दोनों बड़े College ARPANET से एक दूसरे से जुड़ गए थे और नेटवर्कों का एक नेटवर्क बन गया था ।

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सन 1974 में TELNET ने ARPANET की जगह ले ली जोकि पहला Commercial Network था । इसी समय Internet Service Provider का Concept निकल कर आया जिसका मुख्य उद्देश्य एक बिना किसी Interruption के Internet सुविधाओं को अपने ग्राहकों को एक उचित rate में  देना  था ।

इसके बाद दुनिया के हर जगह पर कई Network बनाये गए जिनके Protocols एक दूसरे से अलग जिनका आपस में कनेक्ट हो पाना सम्भव नही था । सन 1980 में Tim Berners Lee ने CERN, Switzerland में  एक Computer Scientists का Group बनाया जिनकी मदद से वक ऐसा नेटवर्क बनाया जिससे सभी आपस में Communicate कर सके जिसे हम WWW यानी World Wide Web कहते हैं ।

नेटवर्क कितने प्रकार के होते हैं ? ( Types of network in hindi )

कंप्यूटरों को आपस में जोड़ने के लिए मुख्यतः तीन प्रकार के नेटवर्क का उपयोग किया जाता है जोकि निम्नलिखित है  –

  1. LAN 
  2. WAN
  3. MAN

1.LAN क्या है ? ( What is LAN in hindi )

LAN Full Form in hindi– Local Area Network ( लोकल एरिया नेटवर्क) । यह एक ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क है जिसे छोटे स्थानों जैसे – घर , ऑफिस , स्कूल , कॉलेज और हवाई अड्डों पर प्रयोग किये जा रहे कई सारे कम्प्यूटरों को आपस में जोड़कर स्थापित किया जाता है । इस तरह के नेटवर्क में Ethernet Technology का उपयोग किया जाता है । इस तरह के नेटवर्क में सूचनाओं तथा डेटा का आदि का कम्युनिकेशन बहुत ही तीव्र गति से होता है। एक LAN को बनाने के लिए Switches , Cables , Access Point आदि कंपोनेंट्स की जरूरत होती है जिनके द्वारा कंप्यूटर के सर्वर , वेब सर्वर आदि जुड़ पाते हैं । अब आपको लैन का अर्थ समझ आ गया होगा । 

LAN Technology – Ethernet Cables , Wi-Fi

LAN के लाभ क्या हैं ? ( Benefits of LAN in hindi)

  • एक ही स्थान के कई Devices को जोड़कर रखता है ।
  • सिर्फ एक ही Internet Connection की जरूरत होती है।
  • कई कंप्यूटर आपस एक प्रिंटर का उपयोग कर पाते हैं 
  • सभी आपस में Files को share कर सकते हैं।

LAN के प्रकार क्या हैं ?( Type of LAN)

सामान्य रूप से लैन दो प्रकार के होते हैं पहला Client/Server LAN जिसमें एक बड़ा सर्वर होता है जिसका एडमिनिस्ट्रेटर नेटवर्क का Access, Traffic , Storage ,ऍप्लिकेशन्स आदि चीजों को सम्भलता है। 

दूसरा प्रकार peer-to-peer LAN है जिसमें किसी भी प्रकार का कोई सर्वर नहीं होता है जोकि client/server LAN की तरह भारी workloads उठा सके । 

LAN का इतिहास क्या है ? ( History of LAN)

LAN को सन 1960 में बनाया गया था जिसका प्रयोग College , University और Research संस्थानों द्वारा किया जा सके । जब सन 1973 में Ethernet Technology को बनाया गया तब से इसे उपयोग में लाया जाने लगा । इसे मुख्य रूप से सन 1980 से प्रयोग किया जाने लगा लेकिन 1983 से हर जगह Ethernet की सहायता से यूज़ में आने लगा ।

WAN क्या है ? ( What is WAN in hindi )

WAN Full Form in hindi– Wide Area Network (वाइड एरिया नेटवर्क)। इस नेटवर्क को स्थापित करने के लिए हम कई सारे LAN नेटवर्क को आपस में जोड़ते हैं । यह नेटवर्क Internet की सहायता से कई सारे देशों को आपस में जोड़कर रखता है। इसे Network of Networks भी कहते हैं । इसमें पूरी दुनिया के कम्प्यूटरों को आपस में जोड़ा जा सकता है जिससे अंतरराष्ट्रीय Communication किये जा सके । 

WAN Technologies- MODEM , Cables , Wi-Fi

उदहारण: Internet, GSM, CDMA, HSPA, LTE, BANK तथा बैंको द्वारा लगाई गई ATM या Automatic Teller Machine एक WAN नेटवर्क का उदहारण है।

WAN के लाभ क्या हैं ? ( Benefits of WAN)

  • यह हमें दुनियाभर के कंप्यूटिंग डिवाइस से जुड़ने देता है।
  • इसकी मदद अंतरराष्ट्रीय कम्युनिकेशन काफी बेहतर हो पाए ।
  • देश विदेश की खबरों का ताजा संचार होता रहता है।
  • Digital Education में काफी मददगार साबित हुआ है।

WAN Technologies के प्रकार क्या हैं ? ( Types of WAN Technologies )

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WAN एक बहुत बड़ा विश्व स्तर का नेटवर्क है जिसमें कई सारे टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है आइये जानते हैं वह क्या हैं –

Packet Switching 

जब हम किसी डेटा को भेजते हैं या प्राप्त करते हैं तो यह कई छोटे छोटे भागों में बट जाता है जिन्हें Packets कहते हैं । हर एक पैकेट में Peice Part होता है Payload कहा जाता है। इस के साथ पैकेट के Header में Identifier होता है जिसके द्वारा आने वाले डेटा पैकेट की पहचान कर Data को फिर से Reassemble किया जाता है । इस पूरी प्रक्रिया को Packet Switching कहते हैं।

TCP/IP Protocol Suite 

यह एक ऐसा Protocol Suite है जिसकी सहायता से भी प्रकार के मोबाइल ,कंप्यूटर्स आदि आपस में Interconnect होते हैं । इसका पूरा नाम Transmission Control Protocol/Internet Protocol है।

Router 

यह एक ऐसी नेटवर्किंग डिवाइस है जिसे कई सारे LAN को इंटरकनेक्ट करके WAN में बदला जाता है जिसे WAN Device भी कहा जाता है। हर एक Device का अपना एक IP Address होता है IP routers इन एड्रेस को पहचान कर आने वाले और जाने वाले सभी प्रकार के डेटा Packets को सही IP address पर भेजता है।

Overlay Network

यह एक डेटा कम्युनिकेशन की अच्छी तकनीकी हैं । इसके द्वारा हम Virtual network को बना सकते हैं original Network के ऊपर । ज्यादार इसे Hardware और Cable के बने Network के Infrastructure के ऊपर बनाया जाता है। यह अक्सर Applications और securities को Support करने के लिए यूज़ किये जाते हैं ।

Packet over SONET/SDH (PoS)

यह एक WAN कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल है । जिसमें यह निर्धारित किया जाता है कि कैसे point-to-point links आपस में कम्यूनिकेट करेंगे जब Optical Fiber और SONET यानी सिंक्रोनस ऑप्टिकल नेटवर्क या SDH यानी सिंक्रोनस डिजिटल हैरार्ककि के कम्युनिकेशन प्रोटोकोल्स का उपयोग किया जाता है।

Multiprotocol Label Switching (MPLS)

MPLS एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से Routing को और बेहतर बनाया जाता है । यह एक तरफ से भेजे जाने वाले डेटा को उस दिशा में भेजता है जहाँ डेटा जाना है और यह सबसे छोटे रास्ते को चुनता है जिससे कि टाइम की काफी ज्यादा बचत हो जाती है । 

ATM ( Asynchronous Transfer Machine)

ATM एक Switching तकनीक है । आजकल जितने भी नेटवर्क आ रहे हैं लगभग इसी टेक्निक का उपयोग किया जा रहा है । यह लगभग उन सभी नेटवर्क पर छा गया है जोकि पहले IP Based थे । ATM asynchronous time division का उपयोग करता है और डेटा को छोटा करने के लिए Multiplexer का उपयोग करता है ।

Frame Relay 

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यह एक डेटा ट्रांसमिशन की तकनीक है जिसमें DATA को LANs या WANs के दो Endpoints के बीच में भेजा जाता है । यह Physical तथा Data link layer पर काम करता है ।

इसमें डेटा को एक Frames में बांट कर एक Shared Frame Relay Network में भेजा जाता है । एक Frame Relay में वह सभी जरूरी Information होती जो एक Routing के लिए । Frame Relay तकनीक का मुख्य उद्देश्य था ISDN Network के मध्य डेटा का ट्रांसपोर्ट करना ।

MAN क्या है (What is MAN in hindi)

MAN Full Form in hindi – Metropolitan Area Network ( मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क)। इसके बारे में कहे तो यह WAN से छोटा तथा LAN से बड़ा नेटवर्क होता है । यह एक ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क है जो एक Metropolitan एरिया को आपस में जोड़कर रखता है । एक मेट्रोपोलिटन एरिया एक बड़ा शहर भी हो सकता है या कई शहर और कस्बों को भी मिलाकर बनाया जा सकता है और उस एरिया को भी कहा जा सकता हैं जहां पर कई बड़ी बिल्डिंग्स आपस में एक नेटवर्क से जुड़ी हो ।

MAN Technologies- Optical Wire ,Satelite 

उदहारण : City Cable TV network

मेट्रोपोलिटन एरिया का मतलब शहर से नही है बल्कि यह नेटवर्क के साइज पर निर्भर करता है नाकि भूमिगत क्षेत्रफल पर ।

MAN के लाभ क्या हैं ? ( Benefits of MAN)

  • यह एक ही शहर में एक बिज़नेस की कई Branches को जोड़ने के लिए काफी आसान है।
  • मेट्रोपोलिटन एरिया में रह रहे यूज़र्स को नेटवर्क से जुड़ने काफी सुविधा होती है और वह सभी प्रकार के इंटरनेट से जुड़े काम आसानी से कर सकते हैं।
  • यह WAN से काफी तेज कार्य करता है क्योंकि इसमें Bandwidth काफी ज्यादा होती है।
  • इसकी कवरेज एरिया LAN से ज्यादा होती है ।
  • इसकी Data Speed 10mb से 100mb तक होती है। 

दोस्तों आज के इस लेख में हमने बात की नेटवर्क क्या है , नेटवर्क के कितने प्रकार हैं अगर इससे जुडी किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो आप कमेन्ट जरुर करें हम आपकी पूरी हेल्प करेंगे | इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि दूसरों की मदद हो सके |

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Pankaj Yadavhttp://hinditarget.com
नमस्कार दोस्तों  ! मै Pankaj Yadav , HindiTarget.com का Owner | मै एक Web Developer हूँ | मै इस ब्लॉग के माध्यम से नयी नयी जानकारियां लाता रहता हूँ। कृपया आप हमे SUPPORT करे ताकि हम आपसे इसी तरह जुड़े रहें।

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