एम .एन. सी का फुलफ़र्म क्या होता है-what is MNC Full form in hindi

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दोस्तों क्या आप लोगों के mnc के बारे में सुना तो होगा ही। अगर नही जानते हो  बताते हैं कि वह mnc होता है और यह किस प्रकार से लाभकारी  होता है।यह एक ऐसी कम्पनी है जिसका  व्यापार मूल देश के अलावा सभी देशों में फैला हुआ है। तो इसे mnc company कहते हैं।मूल देशों के अलावा अन्य देशों में इसका व्यापार अच्छा चल रहा है।

What is mnc in hindi-

आज आप लोगों एक ऐसे आर्टिकल के बारे में बताएंगे जो बेहद लाभकारी है। mnc का फुलफ़र्म  (multinational corporation) इसे अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनी भी कहते हैं। अगर  हम आसान सी भाषा मे बात करे तो इसका अर्थ है होता है बहु राष्ट्रीय कम्पनी यह मूल देश में सेवा प्रदान करने के साथ – साथ अन्य देशों में भी सेवा प्रदान करे।लेकिन यह काम अपने देश से ही करते हैं तो इसे ही mnc company  कहते हैं।इसको बहुराष्ट्रीय उघम एमएनई ,स्टेटलेस कॉपोरेशन या ट्रांसलेशन कॉपोरेशन भी कहा जाता है।

एम .एन. सी का फुलफ़र्म क्या होता है-what is MNC Full form in hindi-

MNC ka Full form – multinational corporation होता है।हिंदी में एम एन सी का फुलफ़र्म – बहु राष्ट्रीय संगठन है।

बहुराष्ट्रीय कंपनी mnc कम्पनी की विशेषताए-

बहु राष्ट्रीय कम्पनी की कुछ जरूरी विशेषताएं इस प्रकार हैं-

  • एम एन सी कम्पनी बड़े ही आकार की कम्पनी होती है तथा बहुत ही अधिक आर्थिक महत्व रखती है।
  • Mnc  बिना विदेशी निवेश के पर्याप्त  व्यापार में भाग लेती हैं।
  • बहुराष्ट्रीय कंपनी एक से अधिक विकसित और विकाशील राष्ट्रों में उत्पादन गतिविधियों का नियंत्रण बहुत ही अधिक मात्रा में प्रत्यक्ष निवेश द्वारा किया जाता है।
  • इस कम्पनी के निदेशन मण्डल के अधिकतर सदस्य इसके ग्रह मण्डल के होते हैं।
  • जो इनके व्यसाय की पूंजी होती है वह संपत्ति के बड़े हिस्सों पर उनके गृह राष्ट के नागरिकों का स्वामित्व होता है।
  • एम.एन. सी.प्रबन्धीय मुख्य का कार्यालय उनके गृह राष्ट से होता है और जबकि वे अपना कार्य अनेक राष्ट्रों से करते हैं।
  • एम.एन. सी.कंपनी जो है वो डिगोपोलिस्टक प्रकृति की होती है,और इसके पास अनेक तकनीकी , प्रबन्धीय निपुणता विशिष्ट उत्पादन तथा  अत्याधिक उत्पादन की क्षमता भी होती है

व्यवसाय का विश्व भर में विस्तार-

बहु राष्ट्रीय कम्पनी का  व्यवसाय कई देशों में फैला हुआ है और जो यदि कम्पनी होती है वह अपने मेहमान देश की परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाती है इसमें श्रम शक्ति और कच्चे माल की उपलब्धता सम्मिलित होती है।

उत्तम गुणवत्ता वाले उत्पाद-

MNC एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी का वैश्विक स्तर पर सामना करना पड़ता है इसलिए इस उत्पाद पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पहुँच-

MNC एक बहु राष्ट्रीय कम्पनी है जो सरलता से अपने अनेक उत्पादों और अच्छी गुणवत्ता से अपनी पहचान बना लेता है।

बड़ा आकार-

क्या आप सबको पता है कि एक बहु राष्ट्रीय कम्पनी के पास बहुत अधिक संपत्ति होती है और आई.बी.एम.परम्पराओं का मूल्य जानते हो लगभग 8 अरब डॉलर होते है और इसी प्रकार आई.टी.टी. कम्पनी  की 70 देशों में लगभग 800 शाखाये हैं।

भारत में mnc बहुराष्ट्रीय निगम की भूमिका-

दोस्तों क्या आप सभी को पता है कि भारत में mnc की भूमिका क्या है।भारत में  बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की भूमिका बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की भारत में मजबूत पकड़ है।दो दशक पहले ही ,इन निगमों में भारत में विशाल क्षेत्र की संपत्ति का 53.7 % नियंत्रित किया था।इसके अलावा भी 14 भारतीय कम्पनी है जी कर पास बहुत भारी ऋण और इक्विटी की पूंजी भी है। इस लिए विदेशी नियंत्रित थे। सन 1991 में देश के आर्थिक उदारीकरण के बाद से भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की संख्या बढ़ गई थी और भारत बहुराष्ट्रीय कंपनी का बहुमत अमेरिका से कर रहा था और यहाँ भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनी परिवार के कारोबार में अपना प्रभुत्व कर लिया है।वे लोग जिनके घरेलू अर्थ व्यवस्थाओ को नष्ट कर देते हैं। भारत में कम्पनियों के आने की कई वजह है।

बहुराष्ट्रीय निगम MNC के लाभ-

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दोस्तों क्या आप सभी को एम एन सी के लाभ के बारे में जानते हो अगर पता है तो हम बताते हैं कि mnc के लाभ है-

1.रोजगार में व्रद्धि –

यह कम्पनी रोजगार में भी व्रद्धि लाता है जैसे  बहु राष्ट्रीय निगमों द्वारा औधोगिक और व्यापारिक क्रियाओं का विस्तार और देशों में रोजगार के व्रद्धि करने के साथ उनके जीवन स्तर में भी सुधार लाता है।

2.विदेशी पूंजी का निवेश-

एम. एन .सी .कम्पनी बहु राष्ट्रीय निगमो द्वारा प्रत्यक्ष पूजी निवेदन और जो विकासशील देश होते हैं उनको भी आर्थिक विकास को गति देता है।

3.स्वस्थ प्रतिस्पर्धा-

इसमे बहु राष्ट्रीय निगम द्वारा जो अच्छी गुणवत्ता वाले माल का उत्पादन होता है और घरेलू निर्माताओ को बाजार में बने रहने के लिए अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए प्रेरित करता है।

4.सहायक इकाइयों में व्रद्धि –

अब बहु राष्ट्रीय निगम mnc के बड़े पैमाने पर कार्यों के फलस्वरूप जो देश में भी वस्तुओं और सेवाओं के आपूर्ति कर्ता और इससे सम्बंधित सहायक इकाइयों का विकास होता है।

5.विकसित तकनीक का प्रयोग-

MNC कम्पनी बहुत बड़ी संख्या में संसाधनों का प्रयोग कर शोध और विकास की क्रिया को अपनाते हैं जो उन्नत तरीकों और प्रक्रियाओं की मदद से वस्तुओं की गुणवत्ता में व्रद्धि करने के सहायक होते हैं और धीरे-धीरे अन्य देश भी यह प्रकिया अपना लेते हैं।

6.निर्यात व्रद्धि और विदेशी मुद्रा का आगमन –

जो मेजबान द्वारा विदेशों में बनाया गया माल ,कभी कभी राष्ट्रीय निगमों के द्वारा निर्यात किये जाते हैं। इसी प्रकार जो जो विदेशी मुद्रा अर्जित होती है वह विदेशी मुद्रा देशों के विदेशी मुद्रा  भंडार में व्रद्धि होती है।

भारतीय बहुराष्ट्रीय कम्पनी के नाम-

  1. डेल….
  2. तोशिबा….
  3. एयरबस…
  4. एशिया ब्राउन ब्रोवेरी,ए बी बी…
  5. एप्पल इंक०…
  6. टेस्को टेस्को हाउस, टेस्को का मुख्यालय…
  7. एलर्जी इलेक्ट्रॉनिक…

भारत की सबसे पुरानी mnc बहुराष्ट्रीय कम्पनी-

दोस्तों क्या आप सभी को पता है कि भारत की सबसे पुरानी mnc  कम्पनी कौन है और कैसे काम करती थी। तो चलिए जानते हैं – भारत में कारोबार करते हुए 70 वर्ष से ज्यादा हो गया लेकिन आज भी वह मजबूती से टिकी हुई है। भारत की सबसे पुरानी mnc कपंनियों ने देश के चढ़ाव उतार के बीच खुद को न सिर्फ बनाये रखा बल्कि कठिन परिस्थितियों में में भी नाम बनाया।

यह अंग्रेजों के जबाने से शुरू हुई इन कम्पनियो का इतिहास आजादी से पहले और आजादी के बाद के  भारत की जो आर्थिक किस्मत है उससे बहुत गहरे जुड़े हुए हैं और इन्होंने उदारीकरण और औधोगिकीकरण के उत्कर्ष  तक सब कुछ बहुत ही करीब से देखा और जाना है। इतने लम्बे समय तक एम.एन.सी.कम्पनी का टिक जाना इस बात का सबूत है कि यह स्थानीय मांग और आर्थिक मांग में बदलाव किए हैं। 

बहुराष्ट्रीय कम्पनी के कुछ नुकसान-

Mnc हमारे लिए फायदेमंद होते हुए इससे हमें कुछ नुकसान भी है-

  • Mnc कम्पनी जिस देश मे जाती है इसको वही के नियम बनाने पड़ते हैं।
  • यह बाहरी होते हुये भी बहुत मुनाफा कमा रही है।
  • Mnc कम्पनी ऐसे उत्पाद का निर्माण कर रही है जो कि गरीबों के प्रयोग में नही आते हैं।
  • और इसकी कारण स्वदेशी जो मुद्रा होती हैं वो विदेश चली जाती हैं।
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Pankaj Yadav
Pankaj Yadavhttp://hinditarget.com
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