हाराज हैं,जीवनी इतिहास Kalicharan Maharaj history Age in hindi

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काली चरण कौन महाराज हैं,जीवनी इतिहास(Kalicharan Maharaj history Age in hindi)-

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दोस्तों क्या आप सभी लोग कालीचरण के बारे में जानते हो।कि ये कौन हैं और इनका इतिहास क्या है? दोस्तों तो चलिए जानते हैं।कालीचरण महाराज जी के बारे में। 

आप लोग जानते हो कि यूट्यूब पर कालीचरण महाराज जी का वीडियो ज्यादा वायरल हो रहा है।उनमें ये महात्मा गांधी जी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। कुछ लोगों ने काली चरण महाराज जी पर केस दर्ज क्योंकि उनका कहना था कि वे गांधी जी अपमान कर रहे हैं।जिसकी वजह से पुलिस सक्रिय हो गई। इनके बयानों से काली चरण महाराज को गुनहगार मानते हुए पुलिस वालों ने इनको 30/12/2021 को दोपहर 2:00 ग्रिफ्तार कर लिया।

कालीचरण ने महात्मा गांधी पर विवाहित बयान छत्तीसगढ़ में आयोजित धर्म संसद में दिया।और तभी से लोग इनको इंटरनेट पर शर्च करने लगे कि ये कौन हैं।तो चलिए जानते हैं।

कालीचरण महाराज जीवनी-

      नाम   कालीचरण महाराज
  असली नामअभिजीत धन्यजय सराग
    उपनाम    महाराज
    जन्म स्थानअकोला,महाराष्ट्र
      पेशा      संत
    जन्म वर्ष  1973
    पिता      धन्यजय जी
      माता    सुनीता देवी
      राशि   चक्र चिन्ह
    ऊंचाई    173 सेंटीमीटर
    वजन   65 किलो
  बालों का रंग     काला 
आंखों का रंग      काला
    शिक्षा  आठवी
    प्रसिद्ध वीडियो  शिव तांडव स्त्रोत का पाठ
वैवाहिक स्थिति   अविवाहित
  आयु    49 वर्ष 

काली चरण महाराज का प्रारंभिक जीवन-

दोस्तों क्या आप लोग जानते हो कि कालीचरण महाराज का प्रारंभिक जीवन कैसे था।तो चलिए जानते हैं।कालीचरण के प्रारंभिक जीवन के बारे में।

कालीचरण महाराज का जन्म 1973 महाराष्ट्र के अकोला में हुआ था। यह विदर्भ के आस पास पड़ता है जो मध्यप्रदेश से सटा हुआ है और इसलिए ये अक्सर  खजुराहों में आते हैं।

कालीचरण जी को मराठी भाषा का ज्ञान होने के साथ इनको हिंदी भाषा का भी ज्ञान है।इनके पिता का नाम धनंजय राव है तथा माता का नाम सुनीता देवी जो घर की ग्रहणी हैं।कालीचरण जी को इंटरनेट पर लोग काली पुत्र के नाम से बुलाते हैं।

कालीचरण जी का परिवार एक आर्थिक मीडिल क्लास परिवार था।इसीलिए इनको बचपन से ही काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।परिवार की स्थिति ठीक न होने के कारण कालीचरण जी जब थोड़ा बड़े हुए तो उनको उनकी मौसी के घर भेज दिया गया।इनके पिता वर्तमान के समय में अकोला में ही रहते है जो वहां पर एक मेडिकल स्टोर पर नोकरी करते हैं।

कालीचरण महाराज की शिक्षा-

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अब कालीचरण महाराज की शिक्षा के बारे में जानते हैं।हालांकि आप सभी को हम कालीचरण को ये तो नही बता सकते हैं कि वे महाराष्ट्र के किस विद्यालय में पढ़ाई करी है।पर कुछ सूत्रों से पता चला है कि ये आठवीं तक पढ़े हैं और उसके बाद उन्होंने किसी अज्ञात के कारण आगे की पढ़ाई नही की।

स्कूल छोड़ने के बाद कालीचरण जी ने घर के पर ही रहकर हिन्दू धर्म के ग्रन्थों  और उपनिषद वेदों का अध्ययन किया।इन सब के अलावा ये धार्मिक किताबे भी पढ़ते थे।कालीचरण को हिंदुत्व वादी विचार धारा वाले व्यक्ति माने जाते हैं,जो महात्मा गांधी के बयान को स्पष्ट तौर पर दिखाई देता है।

कालीचरण महाराज की पत्नी- 

पहले तो लोग कालीचरण जी के बारे में कम ही जानते थे,पर आज उनके विवाहित बयान की वजह से आज सभी लोग यह जानना चाहते हैं कि कालीचरण कौन हैं और इनकी पत्नी कौन है।मगर आप की जानकारी के लिए कि उन्होंने अभी तक शादी नही की है और आगे भी ये शादी नही करेंगे।क्योंकि इन्होंने बचपन मे ही ब्रम्हचर्य अपना लिया था और इन्होंने मन ही मन यह अपना लिया था कि वह शादी नही करेंगे।इसलिए उनकी शादी होने के सवाल ही नही उठता है।

क्यों कहा जाता है कालीचरण को काली पुत्र-

कालीचरण जी को काली पुत्र कह कर बुलाया जाता है पर क्यों इनको काली पुत्र कहा जाता सभी लोगों का यही सवाल है।तो चलिए जानते ये खुद ही उन्होंने ने बताया है।उन्होंने ने अपने बारे में ऐसा बताया कि एक दिन उनका एक्सीडेंट हो गया था और उस एक्सीडेंट उनका एक पैर लगभग 90 डिग्री तक घूम चुका था।परन्तु एक दिन उनके सोपान में काली का दर्शन हुए और उनके ही प्रभाव से उनका पैर ठीक होने लगा और एक दिन उनका पैर ठीक भी हो गया। इस चमत्कार के कारण काली ने मां काली को अपनी मां मान ली और अपने आप को काली पुत्र कहना चालू कर दिया।काली जी रोज पूजा पाठ करते परन्तु वे काली जी की ही पूजा अर्चना करते थे क्योंकि उन्होंने उनको अपना बेटा माना था।

अनुपन खेर ने क्यो स्वीकार किया कालीचरण का वीडियो-

दोस्तों आप सभी अनुपम खेर के बारे में जानते हो ये सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहते हैं और इन्होंने ही कालीचरण के द्वारा किये गए शिव तांडव स्त्रोत के वीडियो को शेयर किया था। यह वीडियो 2 मिनट 22 सेकेंड की थी।

इस वीडियो में कालीचरण महाराज शिव तांडव के पाठ को शेयर करते नजर आए थे। इसमें ये गेरुआ रंग का वस्त्र पहने हुए हैं और शिवलिंग के सामने बैठे हुई है।

जब अनुपम खेर ने कालीचरण के वीडियो को शेयर किया तो इस वीडियो बहुत से लोगों ने देखा और शेयर भी किया।इससे लोग धीरे-धीरे इनके बारे में लगे और जो थोड़ा बहुत बाकी था तो कालीचरण महाराज के द्वारा महात्मा गांधी पर दिए गए विवाहित बयान से पूरी हो गई। इससे कालीचरण सुर्खियों में आ गए अब तो इनके बारे में काफी मात्रा में लोग शर्च करते हैं।

कालीचरण महाराज का विवाद-

कालीचरण के बारे में लोग सबसे ज्यादा इस लिए जानना चाहते हैं क्योंकि इन्होंने कुछ दिनों पहले ही महात्मा गांधी पर बयान दिया था जिसके कारण देश काफी ज्यादा खलभली मची थी।

आप को बता दे कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक संसद का आयोजन किया गया था। जिसमें और साधू सन्तो के साथ -साथ कालीचरण महाराज को भी निमंत्रण किया गया था।

और जब इस संसद में कालीचरण जी की बोलने की बारी आई तो इन्होंने महात्मा गांधी के खिलाफ कुछ ऐसा कहा जो समर्थकों बिल्कुल भी अच्छा नही लगा।

आपको बता दे कि कालीचरण महात्मा गांधी के बारे में क्या कहा था।

उन्होंने कहा था कि नाथूराम गोड्से ने महात्मा गांधी की हत्या करके अच्छा किया क्योंकि धर्म की रक्षा करने का अधिकार हर किसी को होता है।

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यही बयान था जिससे उन पर आफत आम पड़ी और इसी कारण से कालीचरण के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की और पुलिस को मध्यप्रदेश के खजुराहों में गिरफ्तार करना पड़ा। ऐसे लोगों की कमी नही है जिन्होंने ने कालीचरण के बयान का समर्थन न किया हो।

कालीचरण जी का समर्थन करने के लिए अब तो ट्विटर पर ट्रेंड भी चलाया जा रहा है और फेसबुक पर भी इनके लिए समर्थन मांगा जा रहा है। इस प्रकार से गांधीवादी और हिंदूवादी कालीचरण को लेकर आपस में जुड़ गए ।

अकोला से लड़ चुके हैं नगर निगम का चुनाव-

कालीचरण जी के बारे में खास बात है कि ये अपनी किस्मत महाराष्ट्र के अकोला जिले में साल 2017 में चुनाव करके आजमा चुके हैं।इस चुनाव में ये हार जाने के कारण इन्होंने दोबारा कोई भी चुनाव नही किया।

कालीचरण से जुड़े कुछ रोचक तथ्य-

कालीचरण महाराज जी के सोपन में माता काली के दर्शन से उनका पैर ठीक होने पर वे अपने आप को काली पुत्र कहने लगे।

और तभी से ये काली माता के बहुत ही पक्के भक्त हो गए और ये हर रोज इनका पूरी विधि से पाठ करते।और फिर यही क्रिया शाम को भी करते थे।

काली चरण जी को जानवरों से बहुत जी लगाव था खास कर कुत्ता और गाय इसलिए ये हर रोज गाय को रोटी देते थे।

काली जी नाथूराम के प्रबल समर्थक हैं और इसके अलावा भी यह हिन्दुत्ववादी विचार धारा के भी प्रबल समर्थक थे।इनके हिसाब से सभी इस्लामिक जिहाद के सामना करने के लिए प्रबल होना चाहिए।

उनका पढ़ाई में मन न लगने के बाद उन्होंने आठवीं तक ही पड़ा। उसके इन्होंने धार्मिक ग्रन्थों का अध्ययन करना चालू कर दिया जैसे- गीता,महाभारत,वेद,उपनिषद,रामायण आदि।

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ये मराठी और हिंदी दोनों भाषा का प्रयोग करते हैं।

काली जी इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हैं।उन्होंने 2020 में जुलाई के महीने में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था और फिर अपने द्वारा किये गए उपदेश को अपलोड करने के लिए इन्होंने अपना यूट्यूब चैनल बनाया ।

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Editorial Team
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